भारतीय क्रिकेट टिम के सफलतम कप्तान सौरव गांगुली को तो सभी जानते हैं। यूथ में बेहद लोकप्रिय, मौजूदा BCCI प्रेसिडेंट को कई लोग आइडल मानते हैं। आप सोच रहे होंगे कि एक क्रिकेट का खिलाड़ी ओलंपिक टीम के साथ क्यों जा रहा है? तो आइए बताते हैं इसका कारण।

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दरअसल हुआ ये है कि इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (IOA) ने सौरव गांगुली को चिट्ठी लिखकर इसकी अपील की थी जिसे गांगुली ने स्वीकार कर लिया है। इंडियन ओलंपिक असोसिएशन के जनरल सचिव राजीव मेहता ने गांगुली को लिखी में कहा कि 'इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (IOA) आपको टोक्यो ओलंपिक गेम्स 2020 में टीम इंडिया का गुडविल अंबेसडर बनाना चाहता है। हमें उम्मीद है कि आप टीम इंडिया को अपना समर्थन देंगे।'

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राजीव मेहता ने अपनी चिट्ठी में आगे यह भी लिखा था कि यह ओलंपिक काफी महत्वपूर्ण हैं. इसके जरिए भारत इन खेलों में अपने 100 साल पूरे करेगा. ऐसे में गांगुली का समर्थन भारतीय एथलीटों, खासतौर से युवाओं को काफी प्रेरित करेगा. मेहता ने लिखा था,

‘आप करोड़ों लोगों, खासतौर से युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. एक एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में आपने हमेशा से युवाओं को आगे बढ़ाया है. हमें उम्मीद है कि टोक्यो 2002 के लिए टीम इंडिया के साथ आपके जुड़ने से हमारे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी. और भारत में ओलंपिक मूवमेंट के लिए बेहतरीन होगा.’

तब इसके बाद गांगुली ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा,

‘मैं इस रोल को स्वीकार करूंगा.’

गौरतलब है कि यह सिर्फ दूसरी बार होगा जब भारतीय दल गुडविल अम्बेसडर के साथ जाएगा. इससे पहले साल 2016 में रियो ओलंपिक से पहले IOA सलमान खान को यह रोल सौंपा था. इस फैसले का काफी विरोध हुआ था और लंदन ओलंपिक के ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त और लेजेंडरी एथलीट मिल्खा सिंह ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे. हालांकि बॉक्सर मेरी कॉम और पूर्व हॉकी कैप्टन सरदार सिंह ने इसका समर्थन किया था. इनका कहना था कि इससे ओलंपिक खेलों की लोकप्रियता बढ़ेगी.

आपको बताते चलें कि टोक्यो 2020 ओलंपिक्स 24 जुलाई से 9 अगस्त तक होंने वाले हैं.

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