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हम सब जानते ही की दिल्ली मैं केजरीवाल सरकार है जिसकी केंद्र सरकार से बनती नहीं और लगातार केंद्र सरकार की नीतियों और हमला करती रहती है|

दिल्ली की केजरीवाल सरकार के लिए यह अर्थव्यवस्था का नहीं बल्कि सियासी मुद्दा है ताकि वे केंद्र सरकार पर हमले करती रहे|

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ रहे हैं|

चार अक्टूबर को सरकार ने अपनी ओर से ढाई रुपये प्रति लीटर राहत दी थी| इसमें केंद्र सरकार की ओर से डेढ़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी में कमी और तेल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से एक रुपये की राहत दी गई थी. कई बीजेपी शासित राज्यों ने भी ढाई रुपये प्रति लीटर की राहत लोगों को दी थी| यानी पांच रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और इतना ही डीज़ल सस्ता हुआ था| लेकिन विपक्ष के शासन वाले राज्यों में लोगों को अब भी ढाई रुपए की राहत का इंतजार है|


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